अभिमन्यु का चक्रव्यूह में साहस
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अभिमन्यु चक्रव्यूह की इस महाभारत कथा में टूटे रथ का पहिया लिए योद्धाओं के बीच खड़ा है। वह व्यूह के कई चक्र पार करके केंद्र तक पहुँचता है। शाम को उसका समाचार सुनकर अर्जुन प्रतिज्ञा करते हैं; यह Short अभिमन्यु के संघर्ष और पिता की प्रतिक्रिया की झलक देता है।
पूरी कहानी देखें:
https://youtu.be/jjZMvh2LTZU
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#Mahabharat #Shorts #KiddoTunesStudio
Hindi transcript
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केवल 16 वर्ष का अभिमन्यु अकेला हाथ में टूटे रथ का पहिया लिए साथ महान योद्धाओं के बीच निडर खड़ा है। उसने पहला चक्र भेदा फिर दूसरा फिर तीसरा और चक्रव्यूह के एकदम केंद्र तक अकेले पहुंच गया। शाम को अर्जुन लौटा अपने पुत्र का समाचार सुना और एक ऐसी प्रतिज्ञा की जो कुरुक्षेत्र की भूमि सदा याद रखेगी।