Pyasa Kauwa ki Kahani | The Thirsty Crow Story for Kids
About this video
कड़ी गर्मी में पानी ढूँढ़ता कौवा बहुत थक जाता है। आखिर उसे एक घड़ा मिलता है, लेकिन पानी इतना नीचे है कि उसकी चोंच वहाँ तक नहीं पहुँचती। कोशिश करते रहने के बाद वह आसपास पड़े छोटे कंकड़ों पर ध्यान देता है।
प्यासे कौवे की इस हिंदी कहानी में देखिए कि एक-एक कंकड़ डालने से पानी कैसे ऊपर आता है। समस्या के सामने रुककर सोचना और धैर्य से उपाय करना कथा की सीख है। कौवे की जीत किसी नई ताकत से नहीं, परिस्थिति को समझने से मिलती है।
Chapters
0:00 The Thirsty Crow
0:23 Miles Without Water
0:53 The Well Is Dry
1:14 A Clay Pot Appears
1:46 The Pebble Idea
2:16 The Crow Drinks
2:36 The Moral
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Hindi transcript
The narration as spoken, from the caption track uploaded with this video.
- 0:04.121 यह कहानी है एक छोटे से कौवे की, जिसकी सूझबूझ ने उसकी जान बचा ली।
- 0:10.121 एक बार की बात है, गर्मी का बहुत तपता हुआ दिन था।
- 0:14.121 आसमान में एक नन्हा कौवा धीरे-धीरे पंख फैलाकर उड़ रहा था।
- 0:18.954 वह कौवा बहुत प्यासा था, और उसका गला सूखता जा रहा था।
- 0:22.954 पानी की तलाश में वह कई मील दूर तक उड़ता चला गया।
- 0:26.964 पर दूर-दूर तक उसे कहीं भी पानी की एक बूँद नहीं दिखी।
- 0:30.974 नीचे की नदियाँ और झीलें सब गर्मी में सूखी पड़ी थीं।
- 0:34.984 लगातार उड़ते रहने की थकान से अब उसके नन्हे पंख भी भारी होने लगे थे।
- 0:41 धीरे-धीरे कौवे के मन में निराशा घर करने लगी थी।
- 0:45 उसे लगने लगा मानो यह उसके जीवन का आखिरी दिन हो।
- 0:49.01 पानी न मिलने के कारण उसका गला और भी सूखता जा रहा था।
- 0:53.01 तभी उड़ते-उड़ते उसे नीचे एक पुराना कुआँ दिखाई दिया।
- 0:57.02 आशा से भरकर वह तेज़ी से उस कुएँ के पास उतर आया।
- 1:01.03 पर झाँककर देखा तो कुआँ अंदर से बिलकुल सूखा पड़ा था।
- 1:05.04 हे भगवान, अब और परीक्षा मत लो, मुझसे यह प्यास सही नहीं जाती।
- 1:09.749 निराश होकर कौवा फिर से आसमान की ओर उड़ चला।
- 1:13.759 तभी एक घर के सामने पेड़ के नीचे उसे एक घड़ा दिखा।
- 1:17.769 उम्मीद से उसका नन्हा दिल फिर तेज़ी से धड़कने लगा।
- 1:21.779 वह झट से उड़कर उस पेड़ के नीचे रखे मिट्टी के घड़े के पास जा बैठा।
- 1:26.654 पर घड़े में पानी बहुत ही कम था, और वह नीचे तले के पास ही जमा था।
- 1:32.67 कौवे की छोटी सी चोंच वहाँ तक किसी तरह नहीं पहुँच रही थी।
- 1:36.68 उसने बार-बार कोशिश की, पर हर बार निराशा ही हाथ लगी।
- 1:41.055 रुको, घबराने से कुछ नहीं होगा, मुझे कोई उपाय सोचना होगा।
- 1:45.596 तभी अचानक उसकी नज़र पास ही ज़मीन पर बिखरे पड़े छोटे-छोटे कंकड़ों पर जा टिकी।
- 1:51.612 अगर मैं ये कंकड़ घड़े में डालूँ, तो पानी ज़रूर ऊपर आएगा।
- 1:55.622 बस फिर क्या था, कौवे ने बिना देर किए काम शुरू कर दिया।
- 1:59.632 वह एक-एक कंकड़ चोंच में उठाता और घड़े में डालता गया।
- 2:03.642 धीरे-धीरे घड़े का पानी सचमुच ऊपर की ओर चढ़ने लगा।
- 2:08.017 कौवे की मेहनत अब रंग लाने लगी थी, और उम्मीद बढ़ गई।
- 2:12.027 थोड़ी ही देर में पानी चोंच तक पहुँचने लायक ऊपर आ गया।
- 2:16.037 अब प्यासे कौवे ने जी भरकर ठंडा मीठा पानी पिया।
- 2:20.037 ठंडा मीठा पानी पीकर उसकी जान में जान आई और सारी थकान दूर हो गई।
- 2:26.037 हे भगवान, आपका बहुत-बहुत धन्यवाद, आपने आज सचमुच मेरी प्यास बुझा दी।
- 2:32.037 और इस तरह वह नन्हा कौवा खुशी-खुशी आसमान में उड़ गया।
- 2:36.047 सोच-समझकर और धैर्य से लिया गया फैसला हमेशा सफलता दिलाता है।
- 2:40.63 अगर यह कहानी अच्छी लगी हो, तो हमारे चैनल को सब्सक्राइब ज़रूर करें।